बाल्य देखभाल व मातृत्व की दी गई जानकारी

Report- Dhananjay Pandey

चौरीचौरा गोरखपुर। बाँसगाँव सन्देश। चौरीचौरा क्षेत्र के बघाड़ के आगनबाड़ी केंद्र पर बुधवार को गांव की महिलाओं की खुली बैठक हुई। इसमें यूनिसेफ के बीएमसी भारत शुक्ला ने अति कुपोषित बच्चों की समय से पहचान, किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम में रुनीमिया की रोकथाम को लेकर जानकारी दी। श्री शुक्ला ने साफ सफाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार हैं।

पहला दूध कोलोस्ट्रम (सीए, पिएथ) पिलाने से विटामिन ए की कमी को दूर करता हैं। मां का दूध बेजोड़ और पोषणयुक्त है। जन्म के समय कम वजन, अजवा समय पूर्व जन्मे शिशुओं में भी माँ का दूध तेजी से वृद्धि व विकास सुनिश्चित करता है।

महिलाओं को छह माह से छोटे बच्चों की देखभाल में काफी सावधानी बरतनी होगी। बच्चे नाजुक होते है। उनकी देखभाल में छोटी से भी असावधानी बच्चो के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने बताया कि गर्ववती महिलाओं की सुरक्षा कैसे की जाय।

कब व कितने दिनों बाद कौन सी आयरन की दवा या कौन सा इंजेक्शन दिया जाय। इसको लेकर विस्तार से जानकारी दी। स्वास्थ्य पर्वेक्षक श्री प्रकाश, इंद्रावती देवी आशा संगिनी वीणा देवी ने भी बच्चो की देखभाल के लिए महिलाओ को सचेत करते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल में कोई लापरवाही न करें। इस अवसर पर आंगनबाड़ी किरण सिंह, गीता पटेल, विद्यावती देवी, अंजनी, गायत्री देवी, रम्भा देवी, अर्चना देवी, राजकुमारी, किरन, मीना सिंह पूनम आदि मौजूद थे ।

 

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *