लास वेगास से रिपोर्ट: भविष्य के सबसे तेज ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आकार देगा 2021, लक्ष्य 1000 किमी प्रति घंटे की गति हासिल करना


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एक महीने पहलेलेखक: मोहम्मद अली

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सुुबह दिल्ली में इंडिया गेट और डेढ़ घंटे बाद ही मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया घूमने की कल्पना जल्द साकार हो सकती है। वर्जिन हायपरलूप ने अमेरिका के लास वेगास में तेज गति के परिवहन तंत्र में इंसान को सुरक्षित ले जाने का सफल परीक्षण किया है। यह बुलेट ट्रेन से चार गुना और बोइंग-747 प्लेन से भी दो गुना तेज है।

हायपरलूप के परीक्षण के दौरान लास वेगास के रेगिस्तान में बनाए गए 500 मीटर लंबे वैक्यूम ट्यूब टेस्ट में दो एक्जीक्यूटिव अफसरों ने 500 मीटर दूरी महज 15 सेकंड में पूरी की। 6.25 सेकंड में ही 172 किमी प्रति घंटे की गति हासिल कर ली। इंसान के साथ परीक्षण से पहले बिना यात्री के ही करीब 400 सफल परीक्षण किए गए थे। 2021 में दुनिया का सबसे तेज ट्रांसपोर्ट सिस्टम आकार लेगा। वर्जिन हायपरलूप ने वेस्ट वर्जिनिया में 2022 तक 9600 मीटर काे टेस्टिंग ट्रैक बनाने का लक्ष्य रखा है। इस पर 36 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 2030 तक 1000 किमी प्रति घंटे की गति हासिल करने का लक्ष्य है।

वर्जिन समूह के संस्थापक रिचर्ड ब्रैन्सन ने भास्कर से विशेष बातचीत में बताया, ‘हायपरलूप के वास्तविक पॉड में 28 सीटें होंगी लेकिन दो सीटों वाले पॉड के परीक्षण का मकसद यह दिखाना था कि इसमें यात्री सुरक्षित सफर कर सकते हैं। यह इनोवेशन आने वाले समय में लोगों को कहीं भी रहने, काम करने और आने-जाने के तरीकों को आसान बना देगा। एक घंटे में 30 हजार यात्रियों को लाने ले जाने की क्षमता होगी।’

हायपरलूप में यात्रा करने वाले पहले शख्स और वर्जिन हायपरलूप के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर जोस गीगल ने भास्कर को बताया, ‘आप कब इधर से उधर हो गए, पता ही नहीं चला, न ही कोई झटका महसूस हुुआ। हमारा लक्ष्य 2025 तक 28 सवारियों के वाहन को हकीकत में बदलने का है।’ लास वेगास में हायपरलूप का सफल परीक्षण भारत में हायपरलूप के आगमन का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। वर्जिन हायपरलूप 2019 से ही मुंबई से पुणे के बीच 140 किमी की दूरी को 35 मिनट में पूरा करने का तंत्र विकसित कर रहा है।

इसके अलावा कंपनी ने बेंगलुुरू एयरपोर्ट के साथ करार किया है, इसके तहत 1080 किमी/घंटे की रफ्तार से 10 मिनट में हजारों यात्रियों को हर घंटे बेंगलुरू एयरपोर्ट से सिटी सेंटर तक लाने ले-जाने की संभावना तलाशी जाएगी। इसी तरह का करार पंजाब के परिवहन विभाग के साथ भी किया है। दूसरे यात्री परीक्षण में तनय मांजरेकर भी शामिल थे, जो वर्जिन हायपरलूप पुणे प्रोजेक्ट में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स स्पेशलिस्ट हैं। तनय ने भास्कर से कहा कि ‘मैं इसे लेकर सुपर एक्साइटेड हूं क्योंकि मैंने हायपरलूप में सफर किया है, ये मेरे जीवन के सबसे बेहतरीन 15 सेकंड थे जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।

यह एक सपने के सच होने जैैसा है।’ वे बताते हैं, ‘पुणे से मुंबई के बीच हायपरलूप बनने पर साढ़े तीन घंटे का सफर 35 मिनट में बदल जाएगा। फिलहाल 7.5 करोड़ लोग सालाना मुंबई से पुणे के बीच सफर करते हैं। वर्जिन हायपरलूप की क्षमता सालाना 20 करोड़ यात्रियों को लाने ले जाने की होगी।’ वर्जिन हायपरलूप के प्रबंध निदेशक (मध्य पूर्व व भारत) हर्ज धालीवाल ने कहा कि परिवहन के इस नए तरीके के अवसर में दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में भारत के लिए यह एक अभूतपूर्व अवसर है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा निजी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश होगा जो करीब 18 लाख प्रत्यक्ष व परोक्ष नौकरियों के अवसर खोलेगा और 2.6 लाख करोड़ रु. के सामाजिक आर्थिक लाभ होंगे।

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