Home उत्तर प्रदेश जय-वीरू जैसे दोस्त हैं जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा

जय-वीरू जैसे दोस्त हैं जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा

*जय-वीरू जैसे दोस्त हैं जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा*

*स्पेशल डिमांड कर जेएन सिंह ने कराई थी अक्षय मिश्रा की पोस्टिंग, दोनों साथ में थे सिपाही*

*आउट आफ टर्म प्रमोशन पाकर जेएन सिंह बन गए इंस्पेक्टर*

गोरखपुर : कानपुर से गोरखपुर दोस्तों संग घूमने आए मनीष गुप्ता हत्याकांड के आरोपियों के किस्सों की लंबी फेहरिस्त है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी बनाए गए इंस्पेक्टर जेएन सिंह और सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा की दोस्ती फिल्म शोले के जय-वीरू जैसी है। दोनों अपनी गहरी दोस्ती के लिए काफी चर्चा में भी रहे हैं।
बीते फरवरी में इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने तत्कालीन पुलिस कप्तान से स्पेशल डिमांड कर अक्षय मिश्रा की पोस्टिंग कराई थी। तब पुलिस कप्तान ने भी दोनों को एक पीड़ित की मदद करने की जिम्मेदारी सौंपते हुए, अक्षय मिश्रा को फल मंडी चौकी का प्रभारी बना दिया था।
*कप्तान के ट्रांसफर होते ही निर्माण गिराने का आरोप*
पुलिस कप्तान की ओर से दी गई जिम्मेदारी को उनके रहते जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज ने निभाया और पीड़ित विजय कसेरा की जमीन पर उसका निर्माण करा दिया। लेकिन, एसएसपी का ट्रांसफर होते ही रातों-रात बुल्डोजर से निर्माण ध्वस्त करा दिया।
*सीएम तक पहुंच रही है रामगढ़ताल पुलिस की शिकायत*
गोरखपुर के बड़गों की रहने वाली टीचर कुमकुम यादव भी रामगढ़ताल पुलिस पर लिखित आरोप लगा चुकी हैं कि एसएसपी के आदेश पर कराए गए निर्माण को दबंगों ने पुलिस से मिलकर ढहा दिया। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने आजाद नगर चौकी इंचार्ज विनोद सिंह को जांच के बाद हटा भी दिया था।
इसके अलावा महेवा बंधे पर स्थित महंत चेतन गिरी ने भी मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर वहां मंदिर कब्जा की शिकायत की। लेकिन, बाद में दबंगों ने फिर मंदिर पर कब्जा करने की धमकी दी। कई मामलों में तो सीएम ने फटकार लगाते हुए ऐसे थानेदारों को हटाने के भी निर्देश दिए थे, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
*बेलीपार एसओ बनवाने की थी तैयारी*
इंस्पेक्टर जेएन सिंह और सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा दोनों किसी समय साथ-साथ सिपाही थे। इसके बाद विभागीय परीक्षा देकर सब इंस्पेक्टर बने। बाराबंकी में भी दोनों साथ-साथ तैनात रहे। सूत्र बताते हैं कि इस बीच एसओजी और एसटीएफ में ताबड़तोड़ एनकाउंटर कर जेएन सिंह आउट आफ टर्म प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बन गए। गोरखपुर में एक बार फिर दोनों की मुलाकात हो गई।
एक थाने में जय-वीरू की जोड़ी साथ भी हो गई। अब अगला कदम अक्षय मिश्रा को बेलीपार एसओ बनवाने का था। इसके लिए पुलिस कप्तान तक दौड़ लगानी शुरू भी हो गई थी। सूत्रों के मुताबिक बेलीपार मिलने के बाद ​गोरखपुर जिले का एक बड़ा इलाका इन दोनों थाना क्षेत्रों में आ जाता।

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