Home गोरखपुर अखिलभाग्य महाविद्यालय में एकात्म मानव दर्शन पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

अखिलभाग्य महाविद्यालय में एकात्म मानव दर्शन पर व्याख्यान का हुआ आयोजन

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ब्रह्मपुर गोरखपुर। आखिल भाग्य पी०जी० कालेज व स्वाध्याय मंडल गोरखपुर एकात्म मानव दर्शन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान उ०प्र० के संयुक्त तत्वाधान मे पं. दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिवस पर उनके एकात्म मानव दर्शन पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता दीनदयाल उपाध्याय एकात्म प्रतिष्ठान गोरक्ष प्रान्त के प्रभारी एवं महाविद्यालय के प्राचार्य के.एन. पाठक थे। कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं में डॉ० ब्रजेश मिश्र, डॉ० शालिनी सिंह, श्री अशोक मिश्र थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ० अभय प्रताप सिंह ने किया। बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने अपने उदबोधन में कहा कि एकात्म मानववाद के इस वैचारिक दर्शन का प्रतिपादन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने मुंबई में 22 से 25 अप्रैल, 1965 में चार अध्यायों में दिए गए भाषण में किया। इस भाषण में उन्होंने एक मानव के संपूर्ण सृष्टि से संबंध पर व्यापक दृष्टिकोण रखने का काम किया था। वे मानव को विभाजित करके देखने के पक्षधर नहीं थे। दुनिया के इतिहास में सिर्फ ‘मानव-मात्र’ के लिए अगर किसी एक विचार दर्शन ने समग्रता में चिंतन प्रस्तुत किया है तो वो एकात्म मानववाद का दर्शन है समाजवाद और साम्यवाद जैसी नीतियां भारत के लिए अव्यावहारिक हैं, यह बात पंडित दीनदयाल जी पचास साल पहले बता गए थे, जो आज सच साबित हो रही है।

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